Lucknow: Uttar Pradesh की Yogaी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब States के सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारी सप्ताह में दो दिन घर से काम (Work From Home) कर सकेंगे। यह व्यवस्था पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राजधानी Lucknow में लागू की जाएगी और फिर धीरे-धीरे पूरे States में विस्तार किया जाएगा।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह निर्णय कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उनके जीवन-कार्य संतुलन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। कोरोना महामारी के दौरान वर्क फ्रॉम Home का व्यापक अनुभव हुआ था, जिसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
"सरकारी कर्मचारियों की उत्पादकता और संतुष्टि दोनों बढ़ाना हमारा लक्ष्य है। वर्क फ्रॉम Home से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और कर्मचारी अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकेंगे।"
— मुख्यमंत्री Yogaी आदित्यनाथ
किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
शुरुआती चरण में यह व्यवस्था उन कर्मचारियों के लिए होगी जिनका काम मुख्यतः कंप्यूटर आधारित है। इसमें सूचना प्रौद्Yogaिकी विभाग, वित्त विभाग, राजस्व विभाग और नगर Development विभाग के कर्मचारी शामिल होंगे।
- सप्ताह में सोमवार और बुधवार को वर्क फ्रॉम Home की सुविधा
- पहले चरण में Lucknow के 50,000 से अधिक कर्मचारियों को फायदा
- IT, वित्त और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को प्राथमिकता
- अक्टूबर 2025 से पूरे States में लागू होने की संभावना
- VPN और सुरक्षित नेटवर्क के जरिए होगा ऑफिस कनेक्शन
- कर्मचारियों की हाजिरी डिजिटल माध्यम से होगी दर्ज
कैसे काम करेगी यह व्यवस्था?
वर्क फ्रॉम Home के दौरान कर्मचारियों को एक सुरक्षित VPN कनेक्शन के माध्यम से सरकारी सर्वर से जोड़ा जाएगा। उन्हें All सरकारी पोर्टल और सेवाओं तक घर से ही पहुंच मिलेगी। इसके अलावा एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए उपस्थिति दर्ज होगी और काम का लेखा-जोखा रखा जाएगा।
कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया
Uttar Pradesh कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राम प्रकाश यादव ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कर्मचारियों का समय बचेगा बल्कि परिवार के साथ अधिक समय बिताने का मौका भी मिलेगा।
हालांकि कुछ अधिकारी संगठनों ने इस व्यवस्था को लेकर आशंका जताई है। उनका कहना है कि घर से काम करने में कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण होगा। इस पर सरकार का कहना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम इस समस्या का समाधान करेगा।
दूसरे Statesों में भी होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी के इस फैसले का असर दूसरे Statesों पर भी पड़ सकता है। अगर यह प्रYoga सफल रहा तो Madhya Pradesh, Rajasthan और Bihar जैसे बड़े States भी इसी तरह की नीति अपना सकते हैं।
केंद्र सरकार भी पिछले कुछ समय से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए हाइब्रिड कार्य नीति पर विचार कर रही है। Uttar Pradesh का यह अनुभव केंद्र के लिए एक मॉडल के तौर पर काम कर सकता है।
आगे क्या?
सरकार ने घोषणा की है कि इस पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा तीन महीने बाद की जाएगी। अगर परिणाम सकारात्मक रहे तो अक्टूबर 2025 तक इसे पूरे Uttar Pradesh में लागू कर दिया जाएगा। इसके अलावा भविष्य में तीन दिन तक WFH बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।
Comments (342)
कृपया शालीन भाषा का प्रYoga करें
यह बहुत अच्छा फैसला है। अब ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी और काम भी अच्छे से होगा। Yogaी जी का धन्यवाद!
सरकारी दफ्तरों में WFH कितना कारगर होगा, यह देखना होगा। जवाबदेही जरूरी है।
Lucknow जैसे शहर में ट्रैफिक की भारी समस्या है। WFH से काफी सुधार आ सकता है। बढ़िया पहल है।